गठिया के कारण और लक्षण
Health Hunt Please change Orientation

Want to unlock the secrets of holistic health?

Yes, tell me more No, I like living in oblivion
3
Notifications Mark all as read
Loader Image
No notifications found !
  • English
  • हिन्दी
3
Notifications Mark all as read
Loader Image
No notifications found !
हमारे साथ साझा करें
  • English
  • हिन्दी
Default Profile Pic

0 New Card

गठिया के कारण और लक्षण

फ़िटनेस
Dr. Prashanth Patil
3 min read

गठिया के कारण और लक्षण

  • 1.7k Likes
  • 1 Comment

आर्थराइटिस, यानी गठिया का होना एक दर्दनाक अवस्‍था है, और इस सच्चाई से कोई इनकार नहीं करता है। पुराने जोड़ों का दर्द, चाहे यह पुराना ऑस्टियोआर्थराइटिस या रुमेटॉयड हो, असहनीय हो सकता है। हम इसके बारे में जानने के लिए अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्‍पिटल्‍स के डॉ. प्रशांत पाटिल से मिले, और उन्होंने हमारी जानकारी के लिए गठिया से जुड़ी हर बात साझा की।

गठिया जोड़ों की एक संवेदनशील या लंबे समय से लगातार रहने वाली पीड़ा है, जिसमें अक्सर हड्डियों में दर्द और संरचनात्मक परिवर्तन होते है। इसके विभिन्न कारण होते हैं, जैसे संक्रमण, क्रिस्टल डिपोजिशन या सीधे जोड़ों को प्रभावित करने वाली चोट। इसलिए, सरल शब्दों में, गठिया को शरीर में जोड़ों को प्रभावित करने वाला विकार कहा जा सकता है। आमतौर पर, हम गठिया को बुढ़ापे से जोड़ देते हैं, लेकिन यह एक बड़ा भ्रम है, क्योंकि गठिया से किसी भी उम्र के लोग ग्रसित हो सकते हैं।

देश में 15 प्रतिशत से अधिक लोग गठिया से ग्रस्‍त हैं, और कई अन्य जानी-पहचानी बीमारियों की तुलना में यह रोग अधिक दिखता है। यह रोग स्‍वयं को कई तरीकों से प्रकट करता है, और अनुमान के विपरीत, आम तौर पर वयस्क युवाओं में अधिक दिखता है।

भारत में विशेष रूप से बच्चों और युवा वयस्कों में होने वाले गठिया रोग के कारण और लक्षण नीचे दिये गये हैं:
  1. खेलकूद से लगने वाली चोट – खेलकूद के दौरान लगने वाली चोट किसी भी उम्र के वयस्कों में ऑस्टियोआर्थराइटिस का कारण बन सकती है। आम चोटें ऑस्टियोआर्थराइटिस का रूप से ले सकती हैं जिसमें कटी-फटी कार्टिलेज यानी उपास्थि, अपनी जगह से हटे जोड़ों, और स्नायुबंधन चोट शामिल हैं।
  2. इलेक्ट्रॉनिक गैजेट - इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करते समय आपकी मुद्राएं रीढ़ और कूल्हे के जोड़ से सम्‍बंधित विकारों का कारण बन सकती हैं। गठिया के ये रूप इन दिनों आम होते जा रहे हैं। युवा पीढ़ी मोबाइल फोन, कंप्यूटर और अन्य गेमिंग उपकरणों पर जो समय बिताती है, उससे उन्हें कलाई और उंगलियों के ऑस्टियोआर्थराइटिस होने का खतरा बढ़ जाता है।
  3. ऑटोइम्यून विकार - ऑटोइम्यून विकार, बच्चों और युवा वयस्कों में गठिया के सबसे आम रूपों में से एक है। हमारी रोग प्रतिरोधक प्रणाली हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने में मदद करती है, लेकिन ऑटोइम्यून विकारों के मामले में, रोग प्रतिरोधक प्रणाली कुछ स्वस्थ कोशिकाओं और ऊतकों पर भी प्रभाव डालती है, जिससे जोड़ों के संक्रमण और सूजन हो सकता है।
  4. मोटापा - हालांकि गठिया सभी उम्र और जेंडर के लोगों को प्रभावित करता है, लेकिन अगर किसी का वजन अधिक है तो इसका जोखिम बढ़ जाता है। शरीर का अतिरिक्त वजन जोड़ों पर, विशेष रूप से घुटनों, कूल्हों और पीठ पर अतिरिक्त तनाव डालता है। यह कार्टिलेज डैमेज यानी उपास्थि क्षति का कारण बन सकता है, जो ऑस्टियोआर्थराइटिस की पहचान है।

5. धूम्रपान – काफी सिगरेट पीने से, खासकर अगर आप में रोग के होने की आनुवंशिक प्रवृत्ति है तो रूमेटॉयड आर्थराइटिस होता है। धूम्रपान से रोग अधिक गंभीर भी हो जाता है।


6. आनुवंशिकता – अगर किसी के माता-पिता, दादा-दादी या भाई-बहनों को गठिया है, तो उनमें गठिया के लक्षण दिखने की अधिक संभावना है। गठिया, विशेष तौर पर अगर किसी में जोड़ों से सम्‍बंधित आनुवंशिक कमी हो तो पूरे परिवार में गठिया होने के रुझान दिखते हैं।


ऑस्टियोआर्थराइटिस के सबसे आम लक्षण दर्द, सूजन, सुबह के समय जोड़ों में जकड़न होना, और दिनचर्या को करने में कठिनाईं होना हैं। गठिया का रोग उम्र के साथ बढ़ता है, और इसलिए आपको जल्द से जल्द किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलना चाहिए। इस आधार पर कि गठिया किस अवस्‍था में है, डॉक्‍टर उपचार की सलाह देगा, जो दवाएं, व्यायाम या न्यूनतम इनवेसिव घुटने की सर्जरी हो सकती है।

गठिया के 100 विभिन्न प्रकार होते हैं जो एक जोड़ या एकाधिक जोड़ों को प्रभावित कर सकते हैं, और जिनके अलग-अलग कारण और उपचार विधियां हैं। गठिया के लक्षण समय के साथ बढ़ते हैं, या अचानक भी प्रकट हो सकते हैं। अध्ययन बताते हैं कि आम तौर पर गठिया रोग पुरुषों की तुलना में महिलाओं में, और ज्‍यादा वजन वाले लोगों में अधिक होता है। इसलिए ऐसी जटिलताओं से बचने के लिए हर किसी के लिए अपने शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

Comment (1)

Submit Loader Image
    Dr. Prashanth Patil

    Dr. Prashanth Patil

    Dr. Prashanth Patil is an Orthopedist in Apollo Spectra Hospitals with the experience of 21 years. the doctor is an expert in Knee Replacement, Orthopedic Physiotherapy, Physiotherapy for Sports Injury Rehabilitation, Arthroscopy and Joint Replacement Surgery etc
    Dr. Prashanth Patil

    Dr. Prashanth Patil

    Dr. Prashanth Patil is an Orthopedist in Apollo Spectra Hospitals with the experience of 21 years. the doctor is an expert in Knee Replacement, Orthopedic Physiotherapy, Physiotherapy for Sports Injury Rehabilitation, Arthroscopy and Joint Replacement Surgery etc


    By clicking “Accept” or continuing to use our site, you agree to our Privacy policy for website

    Ask the Experts

    Some things to keep in mind

    Have a question related to the following? We’d love to help. Please submit your query, and feel free to leave your name or choose the option of staying anonymous. If our team of experts are able to respond, you will be notified via email, and an article might be published with the response.



    • Nutrition
    • Fitness
    • Organic Beauty
    • Mental Wellbeing
    • Love
    Cancel

    Keep me anonymous. Cancel

    Thank you! We look forward to answering your question.

    All responses can be seen in the ‘My Hunts’ section.